अव्यक्त मुरली
... सुहागिन सदा सुहाग के कारण सुहाग के खजाने को सर्व खज़ाने अनुभव करती है अर्थात् अपने को सम्पन्न समझती है। ...
23 January 1979
संस्कृत
A female whose husband is alive
సౌభాగ్యవతి; ముత్తైదువ
सौभाग्यवती