अव्यक्त मुरली
... योग से कर्मभोग को मुस्कराते हुए सूली से काँटा कर भस्म करना अर्थात् कर्मभोग को समाप्त करना है। ...
18 December 1987
संस्कृत
Crucifixion to thorn; The meaning of crucifixion here means severe punishment. When we are on the path of baba's remembrance, our hard punishments received by our destiny deeds, which we had to suffer immensely, convert into pain equal to pricking thorn
శిలువ నుండి ముల్లు; ఇక్కడ శిలువ లేక ఉరికంబం అంటే భయంకరమైన శిక్ష లేక దండన అని అర్థం. బాబా స్మృతితో, మనం చేసుకున్న కర్మల ఫలితంగా పొందవలసిన అతి పెద్ద దండన కూడా తగ్గి చిన్న ముల్లు గుచ్చుకున్న సమానంగా మారుతుంది అని దీని అర్థం
सूली से यहाँ अभिप्राय भयंकर सजा या दंड से है और शूल का अर्थ कांटा है। जब हम प्यारे बाबा की याद की यात्रा पर अग्रसर होते हैं, तो हमारे प्रारब्ध कर्मों द्वारा प्राप्त होने वाले हमारे कठिन और कठोर दंड और सजा को जिनसे हमें अपार पीड़ा होनी थी, कम होके शूल चुभने या कांटा चुभने के बराबर की पीड़ा में परिवर्तित होता है