संस्कृत
... जब इस सेवा में बिजी रहेंगे तो स्वत: ही वायुमण्डल ऐसा बनेगा जो अपनी कमज़ोरियाँ स्वयं को ही स्पष्ट अनुभव होंगी और वायुमण्डल के कारण स्वयं ही शर्मशार हो परिवर्तित हो जायेंगे। ... (अव्यक्त मुरली - 18 January 1986)
लज्जित; शरमिंदा
To be ashamed
సిగ్గుపడుట