संस्कृत
... ज्ञानसागर बाप द्वारा प्राप्ति की हुई शक्तियों व ज्ञान के तथ्यों को जिस समय जिस रीति से कार्य में लगाना चाहिये उस समय उस रीति से उपयोग न कर सकने के कारण स्वयं में उलझे हुए रहते हैं ... (अव्यक्त मुरली - 20 September 1975)
यदार्थ
Fact; Reality
యథార్థము