अव्यक्त मुरली
... हर आत्मा किसी न किसी बात के बंधन वश है। कोई तन के दु:ख के वशीभूत है, कोई सम्बन्ध के, कोई इच्छाओं के, कोई अपने दुखदाई संस्कार-स्वभाव के वशीभूत…...
15 May 2016
संस्कृत
Captivated
వశమైన
वश में आया हुआ