... सर्व को राज़ी रखने वाले राज़ युक्त बच्चों को कभी भी अपने प्रति व अन्य किसी के प्रति किसी को काज़ी बनाने की ज़रूरत नहीं रहती। क्योंकि केस ही नहीं जो काज़ी बनाना पड़े। कई बार सुना है ना "मिया बीबी राज़ी तो क्या करेगा काज़ी।" ...
28 November 1979
अव्यक्त मुरली (हिन्दी मुहावरा)
If we are united together, then there is no need for a third person to come and support us
భార్యాభర్తలు రాజీ అయి ఉంటే మధ్యవర్తి(కాజీ)తో పని లేదు - మనము పరస్పరంలో కలిసిమెలసి ఉన్నప్పుడు మూడవ వ్యక్తి మన మధ్యలో వకాల్తా పుచ్చుకోవలసిన అవసరము ఉండదు
अगर हम आपस में मिलजुल कर रहेंगे तो किसी को बीच में वकालत नहीं करनी पड़ेगी। दोनों पक्ष अगर एकमत हो तो झगड़ा काहे का; जब दो व्यक्ति आपस में मिल जाएँ जो किसी अन्य के दखल देने की जरूरत नहीं होती