"रोज इबादत प्रभु की करते
रोज इबादत प्रभु की करते
फिर भी होते कष्ट अपार
फिर भी होते कष्ट अपार
आओ तुम प्रभु शरण में
आओ तुम प्रभु शरण में
वो ही करेंगे बेड़ा पार
वो ही करेंगे बेड़ा पार
अमृत वेले भज ले प्राणी
अमृत वेले भज ले प्राणी
प्रभु शिव का तू कर ले गान
प्रभु शिव का तू कर ले गान
झोलिया भर ले वरदानों से
झोलिया भर ले वरदानों से
खुशियां मिले भरमार
खुशियां मिले भरमार
अति चंचल है ये दो अंखियां
अति चंचल है ये दो अंखियां
मन को से भटकाए
नैनो में प्रभु छबि समाए
नैनो में प्रभु छबि समाए
जीवन सफल हो जाए
जीवन सफल हो जाए
वाणी सदा ही मीठी रखो
वाणी सदा ही मीठी रखो
क्रोध अग्नि ये होवे शाम
क्रोध अग्नि ये होवे शाम
आशीष वचन मुख से बोलो
आशीष वचन मुख से बोलो
दुवा देगा इंसान
दुवा देगा इंसान
परचिंतन कब न करो
परचिंतन कब न करो
चिंता मरण समान
चिंता मरण समान
शुभ चिंतन जो करता
शुभ चिंतन जो करता
वोही गुणी इंसान
वोही गुणी इंसान
तेरा मेरा क्यों कहता रे
तेरा मेरा क्यों कहता रे
मोह माया का ये मेला
आई छैला है ये खेला
ये रिश्तों का झमेला
ये रिश्तों का झमेला
जीवन तेरा सागर जैसा
जीवन तेरा सागर जैसा
शांत और शीतल लहरों समान
शांत और शीतल लहरों समान
जो मंथन हर पल करता
जो मंथन हर पल करता
वो ज्ञानी इंसान
वो ज्ञानी इंसान
सुख वैभव के पीछे भागे
सुख वैभव के पीछे भागे
मृगतृष्णा के है ये समान
मृगतृष्णा के है ये समान
ये सुख तो क्षणभंगुर है
ये सुख तो क्षणभंगुर है
टूटे तारे समान
टूटे तारे समान
भवसागर से पार लगाई
भवसागर से पार लगाई
शिव है तारणहारा
डूबती नैया पार लगाए
डूबती नैया पार लगाए
वो है खेवनहारा
वो है खेवनहारा
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