अंतर के नयन खोल के
हेआतमन निहार ले
अंतर के नयन खोल के
हे आतमन निहार ले
तू कौन है आया है कहां
तू कौन है आया है कहां
ए जरा विचार ले
अंतर के नयन खोल के
हेआतमन निहार ले
बनकर विदेही जानकर
प्रभु से क्या संबंध है
क्या खुशी है प्रभु
मिलन कितना परमानंद है
प्रभु प्रेम का अमृत
तू कंठ में उतार ले
अंतर के नयन खोल के
हे आतमन निहार ले
मुमकिन नहीं की पथ मे
मुश्किल तेरे ना आए
हिम्मत तुम्हारी तोफा
तूफान को बनाए
इस आंस बल भरोसे
निज नाव को उतार ले
अंतर के नयन खोल के
हे आतमन निहार ले
मन से है हारता तुम
जब सा प्रभु मन मित है
मन के हारे हार है
मन के जीते जीत है
मन के द्वारे प्रभु पधारे
तू जीवन सवार ले
अंतर के नयन खोल के
हे आतमन निहार ले
तू कौन है आया है कहां
ए जरा विचार ले
अंतर के नयन खोल के
ए आतमन निहार ले
