ले चलें बुद्धि को ऊपर। बाप दादा सामने। प्यार से निमंत्रण दें।
"हे प्राणेश्वर! हे मेरे दिल के सच्चे साथी। मुझे महान बनाने वाले। मेरे सोये हुए भाग्य को जगाने वाले। अपना धाम छोड़कर हमारी कुटिया में आ जाओ।"
देखो बापदादा अपने तेज के साथ। अपनी शक्तियों के साथ घर में खड़े हैं। उनकी Energy, उनकी किरणें पूरे घर में भर गई हैं।
दृष्टि दे रहे हैं.... हाथ पकड़कर पूरे घर में घुमा दें।
मन के बोझ सारे बाबा को सुनाकर अर्पित कर दें। अब यहां बाबा मेरे सामने हैं। हाथ सिर पर। बोझ लिए। बिल्कुल हल्का कर दिया। है। और दृष्टि देकर गए वापिस अपने धाम।
ओम् शान्ति।
