

मधुबन सारा थम सा गया है ज्ञान सरोवर नम हो गया है निर्मल कोमल दीदी निर्मला है आपका वतन की ओर काफिला चला है भले ही गई तुम पार आसमां को यज्ञ इतिहास की अमिट निशा हो निर्मल कोमल दीदी निर्मला है आपका वतन की ओर काफिला चला है शिव को अपना जीवन साथी बनाया यज्ञ में तुमने अपना सबकुछ लुटाया साकार बाबा मम्मा का प्यार पाया यज्ञ अनुशासन को बखूबी निभाया बाबा की आज्ञा सर माथे लगाकर ज्ञान सरोवर को था गले से लगाया निर्मल कोमल दीदी निर्मला है आपका वतन की ओर काफिला चला है विश्व सेवा में है तन मन तपाया लाखों का रिश्ता है प्रभु से जुटाया विश्व सेवा में है तन मन तपाया लाखों का रिश्ता है प्रभु से जुटाया सादगी पवित्रता से जीवन चलाया बेदाग हीरा है खुद को बनाया निर्मल कोमल दीदी निर्मला है आपका वतन की ओर काफिला चला है तुमसे पालना इतना है पाया तुम्हारीं यादों में दिल भर आया तुम्हारा प्यार सबने इतना है पाया देशी विदेशियों का काफिला है आया साठ बरस की वो याद दास्ता चंद शब्दों में कैसे बया हो भले ही गई तुम पार आसमां को यज्ञ इतिहास की अमिट निशा हो निर्मल कोमल दीदी निर्मला है आपका वतन की ओर काफिला चला है