सत्य की मशाल हम जलायेंगे, प्रेम के प्रकाश को फैलायेंगे भेदभाव यहाँ कोई हो नहीं, ऐसा एक परिवर्तन लायेंगे
शस्त्र जो उठाता है, वो शस्त्र से मिट जाता है
प्यार जो बरसाता है, वो प्यार सबका पाता है
हिंसा को अहिंसा से मिटायेंगे, धरती को स्वर्ग हम बनायेंगे कभी कहीं भी अशान्ति हो नहीं, ऐसा एक परिवर्तन लायेंगे
ऐसा एक परिवर्तन लायेंगे
कहने को तो धर्म, राष्ट्र, भाषायें अनेक हैं
दुनिया के इंसान सभी भाई हैं, एक हैं
विश्व को सन्देश ये सुनायेंगे,
दादी जी के साथ बढ़ते जायेंगे
सभी जीएँ निर्भय हो जगत में, ऐसा एक परिवर्तन लायेंगे
सत्य की मशाल हम जलायेंगे, दादी जी के साथ बढ़ते जायेंगे
विश्व को सन्देश ये सुनायेंगे, ऐसा एक परिवर्तन लायेंगे
दादी जी के साथ बढ़ते जायेंगे, ऐसा एक परिवर्तन लायेंगे
