सूबह सुबह
सूबह सुबह बडे प्यार से ये कौन रहा है बोल
सूबह सुबह बडे प्यार से ये कौन रहा है बोल
लाया हू मैं जन्नत तेरे लिये
लाया हू मैं जन्नत तेरे लिये
मुझे देखले आंखे खोल
सूबह सुबह बडे प्यार से ये कौन रहा है बोल
सूबह सुबह बडे प्यार से
कौन जो सुंदर स्वर मे गाये
कहकर बच्चे मुझे जगाये
कौन जो सुंदर सुर मे गाये
कहकर बच्चे मुझे जगाये
शब्द है किस के इतने प्यारे
शब्द है किस के इतने प्यारे
कहता हमे दुलारे
वाणी में हृदय से वो रहा मधुरस घोल
सूबह सुबह बडे प्यार से ये कौन रहा है बोल
सूबह सुबह बडे प्यार से
चारो ओर है दिव्य प्रकाश
करा रहा है मधुर एहसास
चारो ओर है दिव्य प्रकाश
करा रहा है मधुर एहसास
अवगुण मेरे जो बिसराए
अवगुण मेरे जो बिसराए
देख हमे मुस्काए
सीपी में मोती संजोकर करे रतन अनमोल
सूबह सुबह बडे प्यार से ये कौन रहा है बोल
सूबह सुबह बडे प्यार से
किरने मुझपर वो बिखराता
कौन मुझे वो नजर न आता
किरने मुझपर वो बिखराता
कौन मुझे वो नजर न आता
फेर रहा है जादू अपना
फेर रहा है जादू अपना
सच कहे उसे सपना
सुनकर मीठे शब्द उनके मन रहा खुशिमे डोल
सूबह सुबह
सूबह सुबह बडे प्यार से ये कौन रहा है बोल
सूबह सुबह बडे प्यार से ये कौन रहा है बोल
लाया हू मैं जन्नत तेरे लिये
लाया हू मैं जन्नत तेरे लिये
मुझे देखले आंखे खोल
सूबह सुबह बडे प्यार से ये कौन रहा है बोल
सूबह सुबह बडे प्यार से
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