सुबह सुबह जगाएं हमको
निराकार भगवान
कहते उठो आंखे खोलो
करो शिव का ध्यान
सुबह सुबह जगाएं हमको
निराकार भगवान
कहते उठो आंखे खोलो
करो शिव का ध्यान
ओम शांति बोले वो 3.30 बजे जगाएं
4 बजेसे 4.45 तक योग में हमें बिठाए
दिव्य वाणी सुनने के लिए
दिव्य वाणी सुनने के लिए
होते है हम तैयार
तन और मन हो जाए शीतल कर के ज्ञान स्नान
सुबह सुबह जगाएं हमको
निराकार भगवान
कहते उठो आंखे खोलो
करो शिव का ध्यान
बोले शिव बाबा शुद्ध पवित्र भोजन खाना
जैसा अन्न होता वैसा मन होता है भूल न जाना
दिनभर अपने कार्य करना
दिनभर अपने कार्य करना परमपिता का ध्यान धरना
ज्ञान योग का चार्ट रखना
फिर करना विश्राम
सुबह सुबह जगाएं हमको
निराकार भगवान
कहते उठो आंखे खोलो
करो शिव का ध्यान
सुबह सुबह जगाएं हमको
निराकार भगवान
कहते उठो आंखे खोलो
करो शिव का ध्यान
