सुख सागर के किनारे मेरा गांव हैं
सुख सागर के किनारे मेरा गांव हैं
जहां सतयुग में जाने की मिलती नाव है
सुख लागे जब तन मन को
सुख लागे जब तन मन को बाबा छांव है
सुख सागर के किनारे मेरा गांव हैं
जहां सतयुग में जाने की मिलती नाव है
चारों तरफ फूलों की बगिया मनभावन लागे सब गलियां
चारों तरफ फूलों की बगिया मनभावन लागे सब गलियां
खुशबू बिखरी हवा में है यहां मन आंगन में बाजे है मुरलीयां
मन आंगन में बाजे है मुरलीयां
नही पड़ते है ज़मीं पर नही पड़ते है ज़मीं पर मेरे पाव है
सुख सागर के किनारे मेरा गांव हैं
जहां सतयुग में जाने की मिलती नाव है
चांद सा शीतल शांत है जीवन सुक्ष्म वतन तो बन गया है मधुबन
चांद सा शीतल शांत है जीवन सुक्ष्म वतन तो बन गया है मधुबन
उड़ते रहते फरिश्तों का वतन
कितना प्यारा प्यारा है ये अंजुमन
कितना प्यारा प्यारा है ये अंजुमन
जहा आते है ब्रह्मा तन में
जहा आते है ब्रह्मा तन में खुद भगवान है
सुख सागर के किनारे मेरा गांव हैं
जहां सतयुग में जाने की मिलती नाव है
सुख लागे जब तन मन को
सुख लागे जब तन मन को बाबा छांव है
सुख सागर के किनारे मेरा गांव हैं
जहां सतयुग में जाने की मिलती नाव है
