निराशा के बादल छट गए
उदित हुआ दिनकर जैसे
सृजन की घड़ियां आई
बनो फिर भागीरथ जैसे
कभी तुम खोना मत मुस्कान
गूंजता रहे सदा ये गान
कभी तुम खोना मत मुस्कान
गूंजता रहे सदा ये गान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
वर्ल्ड में लहर लहर लहराए भारत का वो रब अभियान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
चीर पहाड़ों को हमने रास्ते सरल बनाए है
मोडी नदिया बांध बनाए नए तराने गाए है
गाए है
चीर पहाड़ों को हमने रास्ते सरल बनाए है
मोडी नदिया बांध बनाए नए तराने गाए है
5विकारों को अपनाने से बदले है दिनमान
प्रेम और सहयोग है साथी यह नहीं विसरावो
राग द्वेष की चौड़ी बाहें उसको तुम भर पाओ
सच कहता हु पाले वे हम खोई हुई पहचान
कभी तुम खोना मत मुस्कान
गूंजता रहे सदा ये गान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
बस अब करना है एक काम
जो लौटे भारत का सम्मान
जो है गुमशुम है जो नाम
लौटा दे उसकी मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
