

याद फिर आई है आज दीदीजी स्नेह के सुमन अर्पण करते है याद फिर आई है आज दीदीजी स्नेह के सुमन अर्पण करते हैं मनमोहन की मनमोहीनी दीदी स्नेह के सुमन अर्पण करते हैं आपकी शिक्षाएं और पालना बार बार ये स्मरण करते है बाबा के पदचिन्हों पर हूबहू चल दिखाया था बाबा के पदचिन्हों पर हूबहू चल दिखाया था सर्वसंबंध आपने बाबा से ही जुटाया था वफादारी जो निभाई दीदी जी देवताएं भी प्रणाम करते है आपकी शिक्षाएं और पालना बार बार ये स्मरण करते है याद फिर आई है आज दीदीजी स्नेह के सुमन अर्पण करते हैं आदर्श विद्यार्थी का उदाहरण आपमे देखा आदर्श विद्यार्थी का उदाहरण आपमे देखा यज्ञ कुशल प्रशासन भी सबने आपसे सिखा अनुशासन की देवी हैं दीदीजी अनुसरण ही हम सब करते है आपकी शिक्षाएं और पालना बार बार ये स्मरण करते है याद फिर आई है आज दीदीजी स्नेह के सुमन अर्पण करते है तीव्र पुरुषार्थ की लगन सदा देती दिखाई थी तीव्र पुरुषार्थ की लगन सदा देती दिखाई थी अब घर जाना यही आपने धुन लगाई थी आपकी तरह बने हम दीदी जी आज हम ये दृढ़ संकल्प करते है आपकी शिक्षाएं और पालना बार बार ये स्मरण करते है याद फिर आई है आज दीदीजी स्नेह के सुमन अर्पण करते है मनमोहन की मनमोहीनी दीदी स्नेह के सुमन अर्पण करते हैं