
श्याम कुमार थापा
पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उत्तराखंड
बदलाव के प्रेरणादायक अनुभव
मैं सोचता था कि मैं शराब और सिगरेट कभी छोड़ नहीं पाऊंगा, पर ब्रह्माकुमारीज़ के संपर्क में आकर राजयोग मेडिटेशन से मैंने तुरंत सब छोड़ दिया।
Voices of people who found freedom from addiction — through awareness, meditation and the Nasha Mukt Bharat Abhiyaan.
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श्याम कुमार थापा
पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उत्तराखंड
मैं सोचता था कि मैं शराब और सिगरेट कभी छोड़ नहीं पाऊंगा, पर ब्रह्माकुमारीज़ के संपर्क में आकर राजयोग मेडिटेशन से मैंने तुरंत सब छोड़ दिया।
10 stories

खेमचंद
हरिद्वार
आर्थिक तनाव और जीवन की उथल-पुथल के बीच, 13 वर्ष पहले मैंने अनजाने में शराब का सहारा लिया। जिसे मैंने 'सहारा' समझा था, वह धीरे-धीरे एक गहरी लत बन गया। परिणाम स्वरूप, भूख मिट गई, लीवर कमजोर होने लगा और मन निरंतर बेचैनी की…

निहारेंदु
तिनसुकिया
पिछले 13 वर्षों से मेरा जीवन शराब, सिगरेट, भांग और गांजे की बेरहम जकड़ में था। पेशे से ऑटो-रिक्शा चालक होने के कारण दिन भर की थकान, मित्रों का संगदोष और जीवन की छोटी-छोटी असफलताओं ने मुझे गहरे तनाव में धकेल दिया था। मेरी…

बसवराज जोगुर
गुलबर्गा
17 वर्ष की आयु में दोस्तों के संगदोष में आकर मैंने सिगरेट और शराब की शुरुआत की। धीरे-धीरे यह आदत 30 वर्षों की गहरी लत बन गई। एक दिन में 20 सिगरेट तक पी लेता था। स्थिति ऐसी हो गई थी कि सिगरेट खत्म हो जाए तो जली हुई सिगरेट…

नकुल लोहरा
गुमला
मैं लगभग दस वर्षों तक सिगरेट, गांजा, भांग, खैनी और शराब जैसे घातक व्यसनों का शिकार रहा। 20 वर्ष की उम्र में 'शौक' के रूप में शुरू हुआ यह नशा धीरे-धीरे मेरी आदत नहीं, बल्कि मेरी पहचान बन गया। दिनभर नशे में डूबे रहना मेरी…

सम्बथ शशिधरन
त्रिवेंद्रम, केरल
सेना के कड़े अनुशासन में रहकर मैंने शरीर को तो फौलाद बना लिया था, लेकिन सेवा के दौरान लगे संगदोष ने मेरे मन को खोखला करना शुरू कर दिया। सेवानिवृत्ति के बाद जब मैं फिजिकल ट्रेनर के रूप में कार्य कर रहा था, तब पिछले 8-9 वर…

जीवन कुमार
पठानकोट
13 वर्ष की कोमल आयु में तम्बाकू और 15 वर्ष की उम्र में शराब से मेरे व्यसन की शुरुआत हुई। देखते ही देखते 21 साल बीत गए और नशा मेरी दिनचर्या की अनिवार्य शर्त बन गया। तंबाकू की तो कोई सीमा ही नहीं थी; मुझे लगता था कि बिना न…

अरुण प्रसाद वर्मा
राउरकेला
पंद्रह वर्षों तक शराब, सिगरेट, खैनी और बीड़ी मेरे जीवन का हिस्सा बने रहे। व्यवसाय के दौरान साथियों के प्रभाव में शुरू हुई यह आदत धीरे-धीरे लत में बदल गई। मन में कई बार विचार आता था कि ये व्यसन स्वास्थ्य और जीवन-दोनों के…

संदीप चौहान
गाजियाबाद
इक्कीस वर्षों तक शराब, सिगरेट और गुटका मेरे जीवन का हिस्सा बने रहे। परिवार और मित्रों के प्रभाव से शुरू हुई यह आदत धीरे-धीरे ऐसी लत बन गई, जिसने मेरे स्वास्थ्य और करियर दोनों को प्रभावित किया। मैं एक आईटी इंस्टीट्यूट का…

सत्यनारायण सीथा
राउरकेला, ओडिशा
ओडिशा स्पेशल आर्मी पुलिस की सेवा के दौरान, गलत संगति ने मुझे ऐसे रास्ते पर धकेल दिया जहाँ अगले 25 वर्षों तक तंबाकू, गांजा और शराब मेरे जीवन का आधार बन गए। प्रतिदिन लगभग 1,200 रुपये व्यसनों में फेंक देना मेरी नियति बन गई…

पुष्पल मन्ना
निर्जुली
सिर्फ 20 वर्ष की आयु में संगदोष के कारण मुझे शराब की लत लग गई। धीरे-धीरे यह केवल एक आदत नहीं रही, बल्कि मानसिक सहारा बन गई। लेकिन यही सहारा धीरे-धीरे मेरे जीवन की गति को रोकने लगा। आलस्य, काम टालने की प्रवृत्ति और भूख की…
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