अव्यक्त मुरली
... आजकल एक लॉक नहीं चलता। तो डबल लॉक है-याद और सेवा। सेवा भी निस्वार्थ सेवा-यही लॉक है। ...
3 October 1992
Two locks - Baba says that remembrance and service are the two locks
రెండు తాళములు - స్మృతి మరియు సేవ అనేవి రెండు తాళాలు అని బాబా అంటారు
दो ताला - बाबा कहते हैं कि याद और सेवा ही डबल लॉक है