... उस समय अपना-पन नहीं था, विश्व के कल्याण-अर्थ अपना सभी कुछ देना है, वह भावना थी। एकनामी और एकॉनॉमी वाले थे। ... (अव्यक्त मुरली - 8 May 1973)
मित व्ययता
Saving
పొదుపు