अव्यक्त मुरली
... सदा यह स्मृति रखो कि – ‘गॉडली गार्डन में हाथ और साथ दे चल रहे हैं या बैठे हैं। रूहानी बीच पर हाथ और साथ दे मौज मना रहे हैं ...
18 March 1987
Garden of God
ఈశ్వరీయ తోట
ईश्वरीय बगीचा