अव्यक्त मुरली
… प्रश्नचित्त कभी सदा प्रसन्न नहीं रह सकता। उसके चित्त में सदा ‘क्यों की क्यू’ लगी रहती है। इसलिए उस क्यू को समाप्त करने में ही समय चला जाता है ...
19 November 1989
Line of persons awaiting their turn for taking something
వరుస క్రమము
पंक्ति