साकार मुरली
… बाबा हर एक से पूछते रहते थे - क्यों सन्यास किया? घरबार कैसे छोड़ा? बतलाते नहीं थे। तो मैं कहता था कि मैं कैसे समझूँ कि मैं भी कर सकूँगा वा नहीं? ऐसी-ऐसी बातें बड़े शुरूडनेस से करते थे।
4 December 2017
Intelligence
తెలివి; వివేకము
होशियारी