अव्यक्त मुरली
… हर सेकेण्ड, हर श्वाँस, हर संकल्प अखुट खज़ाने प्राप्त करने वाले। ऐसी आत्मा को जीवन के हर कदम में चढ़ती कला की अनुभूति होती है ...
15 April 1981
हिंदी
Undiminished
తరగని
अक्षय; जो समाप्त न हो; जो न घटे या न चूके