अव्यक्त मुरली
... जब स्मृति-स्वरूप हो जाते हैं तो अमिट तिलकधरी बन जाते हैं।...
26 December 1979
संस्कृत
Unerasable
చెరగని; శాశ్వత
जो न मिटे; जो नष्ट न हो