अव्यक्त मुरली
… एक तरफ है अभिमान, दूसरी तरफ है अनजानपन। यह दोनों ही बातें पुरूषार्थ को ढीला कर देती हैं। ...
10 June 1972
संस्कृत
Unawareness
తెలియనితనము
अपरिचित