अव्यक्त मुरली
... स्वाहा की आहुति देने से आरती उतारेंगे। खुशी के बाजे बजायेंगे...
1 April 1978
संस्कृत
Worship ritual - Moving a lighted lamp circularly before the idol of deities
హారతి
आदर से देवता या व्यक्ति के सम्मुख चारों ओर प्रज्जवलित कपूर तथा दीपक घुमाना