अव्यक्त मुरली
... ज्ञान के गहने, गुणों के गहनों से सजे-सजाए बनते हो। भविष्य का श्रृंगार इस संगमयुगी श्रृंगार के आगे कोई बड़ी बात नहीं लगेगी ...
12 January 1977
हिंदी
Ornaments
ఆభరణములు; నగలు
आभूषण