संस्कृत
… अभी पिंजड़े की मैना से उड़ते पंछी हो गये। कण्ठी वाले उड़ने वाले तोते बन गये।... (अव्यक्त मुरली - 31 December 1981)
माला के बनना; पिंजरे में बंद; बंदी
Belonging to the rosary; Caged
మాలలోని వారు; పంజరంలోని వారు; బందీగానున్న