अव्यक्त मुरली
... ऐसे मस्तक मणि हर संकल्प में, हर कर्म में, अपने को विश्व का आधार और उद्धारमूर्त्त समझ कर हर कदम उठाते हैं अर्थात् अभी से ही वह ताज तख्तनशीन होते हैं। ...
6 June 1973
संस्कृत
Jewels of the forehead
మస్తకమణి
शिरोमणि