अव्यक्त मुरली
... जिसकी दिल में सदा दिलाराम की याद के मधुर साज स्वत: ही बजते रहते, ऐसे दिलरूबा दिलाराम बाप की दिल को अपने स्नेह के साज से जीतने वाले हैं। ...
23 March 1988
अरबी
Tune; Sweet music; Musical instrument
రాగము; వాయిద్యము
राग; बाजा