अव्यक्त मुरली
मुरली की तान से अर्थात् मुरली के साज और राज़ से मुरलीधर बाप के साथ अनेक अनुभवों में चलते जाते।
7 December 1983
संस्कृत
Tune
తానము; లయబద్ధమైన రాగము
राग; सुर