अरबी
... तुम्हारी है रूहानी याद की यात्रा, तुम्हें शरीर को कोई तकलीफ नहीं देनी है, चलते-फिरते, उठते-बैठते बुद्धि से बाप को याद करो ... (साकार मुरली - 30 March 2018)
कष्ट
Trouble; Difficulty
కష్టము