आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
चले फरिश्ते संगामयुगके शिवसे मिलन मना ने
वरदानो से भरकर झोली जन जन को लूटाने
शिव से मिलन मनाने
चले फरिश्ते संगामयुग के
शिवसे मिलन मना ने
वरदानो से भरकर झोली जन जन को लूटाने
शिव से मिलन मनाने
चले फरिश्ते संगामयुग के
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
शिव की शक्ति के अधिकारी सजे गुणोंसे आज
शिव की शक्ति के अधिकारी सजे गुणोंसे आज
सुख बरसाए हर प्राणी पे दिलो पर करते राज
सुख बरसाए हर प्राणी पे दिलो पर करते राज
चले पहन के दिव्य गहने हर पल को हरशाने
वरदानो से भरकर झोली जन जन को लूटाने
शिव से मिलन मनाने
चले फरिश्ते संगामयुग के
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
अति इन्द्रिय सुखमें झूमें हर दुख से हो दूर
अति इन्द्रिय सुखमें झूमें हर दुख से हो दूर
चलते जाए वो मंजिल को गुणों से हो भरपूर
चलते जाए वो मंजिल को गुणों से हो भरपूर
कमल समान बने इस जगमें शिव के वो परवाने
वरदानो से भरकर झोली जन जन को लूटाने
शिव से मिलन मनाने
चले फरिश्ते संगामयुग के
आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ
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