हिंदी Murlis — 2010

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18/01“ब्रह्मा बाप समान नष्टोमोहा स्मृति स्वरूप बनने के लिए, मन का टाइम-टेबल बनाकर कर्म करते कर्मयोगी अशरीरी बनने का अभ्यास करो”30/01“चारों ही सब्जेक्ट में स्वमान के अनुभवी स्वरूप बन अनुभव की अथॉरिटी को कार्य में लगाओ”11/02“शिव के जन्म दिन पर क्रोध रूपी अक का फूल बापदादा को अर्पण कर दर्पण बनो, पवित्र प्रवृति के प्रत्यक्ष प्रमाण द्वारा प्रत्यक्षता को समीप लाओ”28/02“देहभान के ‘मैं-मैं' की होली जलाकर परमात्म संग के रंग की होली मनाओ”15/03“परमात्म प्यार की पात्र आत्मायें दु:खियों को सुख की अंचली दो, व्यर्थ को समाप्त कर समर्थ बनो और समय को समीप लाओ”31/03“पूर्वज और पूज्य के स्वमान में रह मन्सा द्वारा सर्व की पालना करो, पूरे वृक्ष को सकाश दो”24/10“समय की रफ्तार प्रमाण अभी विशेष स्वभाव-संस्कार परिवर्तन करने में तीव्रता लाओ, मन्सा द्वारा आत्माओं को भिन्न-भिन्न किरणें दो”15/11“स्व-परिवर्तन की गति को तीव्र कर संस्कार-स्वभाव के समाप्ति का समारोह मनाओ, हर संकल्प, बोल और कर्म में ब्रह्मा बाप को कापी करो”30/11“हर घण्टे 5 स्वरूपों की एक्सरसाइज़ कर मन को शक्तिशाली बनाओ, जब बाबा ही संसार है तो संस्कार भी बाप जैसे बनाओ”15/12“मेरे को तेरे में परिवर्तन कर बेफिक्र बादशाह बनो, सेकण्ड में व्यर्थ को बिन्दी लगाने के अभ्यासी बन हर संकल्प और समय को सफल करो”31/12“पुराने वर्ष को विदाई देने के साथ पुराने संस्कारों को विदाई दे निर्विघ्न रहने का दृढ़ संकल्प लो और रहमदिल, मास्टर दाता बन मन्सा सेवा द्वारा दु:खी अशान्त आत्माओं को सहारा दो”

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