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24 Oct 2013
“वर्तमान वायुमण्डल प्रमाण मन्सा शक्ति द्वारा पावरफुल सकाश देने की सेवा करो, वृत्ति द्वारा वृत्तियों का परिवर्तन करो”
24 October 2013 · हिंदी
हर एक बच्चे का प्यार बाप को मिल रहा है। प्यार के रेसपान्ड में बापदादा भी हर बच्चे को पदमगुणा प्यार दे रहे हैं। हर एक बच्चा स्नेह में समाया हुआ है। बापदादा भी स्नेही बच्चों को देख बार-बार दिल में कहते हैं वाह बच्चे वाह! बाप को बच्चों के बिना सूना-सूना लगता है और बच्चों को बाप के बिना सूना-सूना लगता है।
आज हर बच्चे के मस्तक में बाप का स्नेह समाया हुआ है। बाप का दिल कहता एक-एक बच्चा वाह बच्चे वाह है। आज विशेष डबल विदेशी बच्चों का मिलन दिन है। तो बापदादा विदेश की सेवा में सन्तुष्ट है। भारत की सेवा भी कम नहीं है लेकिन आज दिन के प्रमाण बापदादा ने देखा कि विदेश की सेवा भी अच्छी विस्तार को पा रही है। अच्छे-अच्छे बिछड़े हुए बच्चे अपना वर्सा लेने आ गये हैं। समय अपने नज़ारे दिखा रहा है लेकिन बच्चे अपनी सेवा में आगे बढ़ रहे हैं चाहे देश, चाहे विदेश। बापदादा बच्चों की सेवा में खुश है और हर श्रेष्ठ कार्य की रिजल्ट को देख दिल से कहते वाह बच्चे वाह! डबल विदेशी भी चारों ओर सन्देश देने में, परिचय देने में कम नहीं हैं और भारत के बच्चे भी सेवा में कम नहीं। बापदादा दोनों की सेवा देख खुश है। साथ-साथ मन की स्थिति में नम्बरवार हैं। अभी बापदादा यही चाहते हैं स्व स्थिति और सेवा की स्थिति दोनों में तीव्र हो। बापदादा यही चाहते हैं कि हर बच्चा सदा अचल अडोल आगे से आगे बढ़ता जाए। दुनिया के वायुमण्डल प्रमाण अभी बच्चों को मैजारिटी पावरफुल सकाश से वायुमण्डल को परिवर्तन करने की मन्सा शक्ति की इस समय आवश्यकता है। मन्सा शक्ति को और पावरफुल कर मन्सा शक्ति द्वारा आजकल के प्रभाव को परिवर्तन करने पर और ज्यादा अटेन्शन देना आवश्यक है। आजकल के हिसाब से सुनने सुनाने की शक्ति के बजाए वृत्ति द्वारा वृत्तियां बदलने की आवश्यकता है। बापदादा ने देखा वृत्तियां बदलने की शक्ति को और ज्यादा कार्य में लगाना है।
आज डबल फारेनर्स का विशेष दिन है। बापदादा विशेष डबल फारेनर्स को पदमगुणा शाबास दे रहे हैं। क्यों? देश वाले भी कम नहीं हैं लेकिन विदेश के वातावरण अनुसार सेवा की वृद्धि अच्छी कर रहे हैं इसीलिए आज विशेष उन्हों का दिन है। बापदादा ने सारे विदेश के देशों में चक्र लगाते हुए देखा कि मैजारिटी सेवा का अटेन्शन अच्छा है। भारत भी कम नहीं है, भारत वाले भी भिन्न-भिन्न प्रोग्राम्स, भिन्न-भिन्न उमंग-उत्साह के साधन बना रहे हैं। बापदादा सर्विस को देख दोनों तरफ खुश है लेकिन अभी के वातावरण प्रमाण मन्सा शक्ति द्वारा वायुमण्डल को परिवर्तन करने की आवश्यकता है। बाकी बापदादा बच्चों का उमंग देख खुश है।
आप सभी भी चाहे भारत चाहे विदेश दोनों भी, हर बच्चा अपने स्व-उन्नति और सेवा की उन्नति देख खुश है ना? अभी मन्सा शक्ति द्वारा वायब्रेशन चेंज करना, वातावरण चेंज करना उसकी आवश्यकता है। यह सुनने सुनाने से नहीं होगा लेकिन अपने मन की शुभ कामना, मनुष्यों की वृत्ति को, दृष्टि को, कृति को परिवर्तन कर सकती है। तो आज बापदादा एक-एक बच्चे को चाहे विदेश चाहे देश हर बच्चे को सेवाओं के वृद्धि की मुबारक दे रहे हैं। अच्छा।
विदेश वाले आपस में भी अच्छा संगठन करके सेवाओं की लेन देन करके अच्छा आगे बढ़ रहे हैं। मधुबन में अच्छा चांस मिलता है - आपस में मिलने का, आपस में रूहरिहान करने का वा सेवा के प्लैन बनाने का, बापदादा सब देखते हैं, कैसे बच्चे आपस में संगठन बनाके सेवा को आगे बढ़ा रहे हैं। बापदादा मुबारक दे रहे हैं। भारत भी कम नहीं है। बापदादा दोनों को देखते रहते हैं। सेवा का उमंग उत्साह दोनों तरफ अच्छा है। रिजल्ट भी अच्छी है, बापदादा खुश है। अभी स्वराज्य अधिकारी बनने की विधि और उस विधि को प्रैक्टिकल में अनुभव करना, इस तरफ भी अटेन्शन देना है। आज आवश्यकता है मन के शक्ति द्वारा परिवर्तन करने की। मन की वृत्तियों को परिवर्तन करने की। अभी चारों ओर जैसे भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार की बातें चल रही हैं, अभी इस वातावरण को मन की शक्ति द्वारा परिवर्तन कर सबके मन में परमात्म याद का उमंग-उत्साह पैदा करो। अच्छा। अभी क्या करना है।
(100 देशों से 2000 डबल विदेशी आये हुए हैं)
यू.के. यूरोप, मिडिल इस्ट: एक-एक रत्न महान और महावीर है, बापदादा एक-एक महावीर बच्चे को विशेष दिल का यादप्यार दे रहे हैं। अच्छा है, संगठन बढ़ता जा रहा है इसकी बधाई है। अच्छा।
आस्ट्रेलिया-एशिया: अच्छा संगठन है। बापदादा एक-एक बच्चे को देख, एक-एक बच्चे के दिल में गुण गा रहे हैं। वाह बच्चे वाह!
अमेरिका-करेबियन : बापदादा एक-एक बच्चे को देख, उनके भाग्य को देख वाह हर एक का भाग्य! देख-देख खुश होते हैं। हर एक की महिमा एक दो से आगे है। बहुत अच्छा संगठन में मिलके आये हैं, जितने कदम उठाये उतने पदम इकट्ठे किये इसलिए एक-एक बच्चे को जितने भी बैठे हैं, चाहे देश चाहे विदेश वाले एक-एक बच्चे को बापदादा पदमगुणा मुबारक दे रहे हैं।
अफ्रीका- मॉरीशस : हाथ हिलाओ। सदा आगे बढ़ने वाले और बढ़ाने वाली आत्मा हो। बापदादा हर बच्चे का वर्तमान और भविष्य देख हर्षित हो रहे हैं। सदा आगे बढ़ते और बढ़ाते रहना। कोई भी अगर थोड़ा भी कमजोर होता है तो उनको अपने सहयोग द्वारा चाहे स्वयं चाहे बड़ों से सहयोग दिलाते रहना। परोपकारी बन स्व उपकार और पर-उपकार दोनों को अटेन्शन में रखते आगे से आगे बढ़ रहे हैं, यह चेक करते, बढ़ते भी रहना और बढ़ाते भी रहना।
बाकी बापदादा विदेश के ग्रुप को टोटल देख करके खुश है कि वृद्धि को प्राप्त कर विधिपूर्वक उड़ रहे हैं, उड़ते रहेंगे।
रशिया: टीचर्स, उनके लिए तो ताली बजाओ। टीचर्स अर्थात् जिनके फीचर्स से बापदादा दिखाई दे। उनके नयनों से उनके हर बोल से मेरा बाबा, प्यारा बाबा अनुभव हो। टीचर्स को नहीं देखें लेकिन टीचर्स में बापदादा दिखाई दे। ऐसे है भी और बापदादा हर टीचर को यही कहते कि आगे बढ़ो और आगे बढ़ाते बाप समान बनाते चलो। वाह टीचर्स वाह! मेहनत का फल देख रहे हैं। आपकी मेहनत का फल दिखाई देता है। बहुत अच्छा। अभी यही हर एक में कोशिश करो कि हर एक के फीचर्स में फ्यूचर दिखाई दे। आशा के दीप दिखाई दें। अभी हमारा राज्य आया कि आया। यह उमंग उत्साह हर एक के फीचर्स में दिखाई दे। बहुत अच्छा।
पहली बार आने वाले डबल विदेशी:- भले पधारे अपने घर में आये। बापदादा को खुशी होती है कि बिछुड़े हुए बच्चे अपना वर्सा लेने अपने घर में पहुंच गये। सबकी तरफ से, सारे परिवार की तरफ से आप सबको लाख-लाख बधाईयां हो, बधाईयां हो।
टीचर्स की टीचर कौन? बापदादा तो है लेकिन बापदादा के आप भी (दादी जानकी) साथी हो। अच्छा अटेन्शन तो रखते हैं। चाहे भारत की टीचर्स, चाहे विदेश की, सब टीचर्स को आज बापदादा दिल का प्यार दे रहे हैं। अच्छा।
आज तो डबल फारेनर्स का दिन है ना। बापदादा को भी खुशी है, सदा खुश तो है लेकिन खुशी में खुशी है। आप सभी भारतवासी बच्चों को फारेन की सेवा देख खुशी होती है ना! होती है? बापदादा को होती है। क्यों? विश्व का पिता है ना। भारत का ही पिता नहीं है, सिर्फ भारत नहीं लेकिन विश्व पिता है। विश्व पिता को प्रत्यक्ष करने वाले निमित्त यह भिन्न-भिन्न फारेन के बच्चे हैं। तो बापदादा आज एक-एक बच्चे को बधाईयां भी दे रहे हैं, वाह सेवाधारी बच्चे वाह! अच्छा। (बापदादा दृष्टि देते वापस चले गये, फिर से आह्वान किया गया)
दादियों से:- आंख मिचौली हो गई। (बाबा आपने इतनी खुशी दी, मैं क्या दूं) आप ने सब दे दिया। कुछ है ही नहीं, सब दे दिया।
विदेश की बहिनों से:- अच्छी फुलवाड़ी बनाई है, बापदादा को पसन्द है। अच्छे उमंग उत्साह में चल रहे हैं। आप सबकी मेहनत का फल अच्छा निकला है।
सभी को विशेष यादप्यार। सेवा की मुबारक हो। सदा आगे बढ़ते रहना, बढ़ाते रहना।
कमलमणी दादी से:- ठीक है, अभी उठ जाओ। अभी पलंग पर नहीं जाना। बैठके सेवा करो।
रुकमणि दादी से:- ठीक है ना। जितना तबियत को चला सको उतना चलाओ। ज्यादा काम नहीं लो। थोड़ा बीच-बीच में आराम करो क्योंकि अभी तो टाइम पड़ा है ना और उसमें आपको सेवा करनी है। सम्भाल भी करो, सेवा भी करो। सम्भालो अच्छी तरह से।
चन्द्रा बहन (मॉरीशस):- अच्छा पार्ट बजाया। ठीक है ना। हर रोज़ अमृतवेले उठके वाह बाबा, वाह मेरा बाबा वाह करती रहो। शरीर में ताकत जितनी भी है बैठे-बैठे सेवा करो। क्लास नहीं कराओ लेकिन पर्सनल सेवा करो। निर्विघ्न है।
मोहिनी बहन:- अभी आयु है इसलिए चलेंगी।
चार्ली भाई:- अच्छी सेवा कर रहे हो।
(गायत्री बहन ने आंटी की वा परिवार की याद दी) बापदादा का भी जिगरी प्यार उन्हों को देना। अच्छी है। जितनी ताकत है उतना अच्छा अपने को चला रही है और जितना भी रहती है उतनी मन्सा सेवा अच्छी कर रही है। सेवा के बिना रहने वाली नहीं है। अच्छी है। अच्छा।
दीपावली निमित्त बापदादा ने सबको बधाई दी, दीपक जगाये
विश्व के चारों ओर के मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों को यादप्यार और गुडनाईट। अभी दीपावली आने वाली है। आप तो चैतन्य दीपक हो, तो आने वाली दीपावली की भी आप जागती ज्योत दीपकों को बहुत-बहुत-बहुत मुबारक हो। चारों ओर के बच्चों को, चाहे देश चाहे विदेश एक-एक बच्चे को बाप दीवाली की मुबारक दे रहे हैं। ओ.के.। ओ.के.। सदा ओ.के.। क्या फिकर है! फिकर आवे तो बाप को दे दो। आप सदा ओ.के.। सभी का लक्ष्य है कि हम दीपावली के दीपक सदा जग रहे हैं और जगते रहेंगे और अपने राज्य में जाके वहाँ भी दीपावली मनायेंगे। अपना राज्य याद है ना। आया कि आया।
(यहाँ की दीपावली और वहाँ की दीपावली में अन्तर क्या होगा) वहाँ की सजावट ही न्यारी और प्यारी होगी। सजावट और प्यार, दिल का प्यार। ऐसे तो रूसा हुआ भी दीपक जगा देता है लेकिन वहाँ सब खुशी-खुशी से दीपक जगाते, मौज मनाते, मौज ही राज्य है। यहाँ तो मजबूरी से भी जगाते हैं। (वहाँ पर आपको दीवाली मनाने का निमंत्रण है) देखेंगे। करेंगे नहीं, देखेंगे दूर से। आप जगायेंगे, बाप देखेगा। (बापदादा वहाँ साथ में आकर दीवाली मनायें तो और अच्छा होगा) वहाँ बच्चों का पार्ट है। अच्छा।
सभी चारों ओर के मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों को आज का यादप्यार और दीपावली का भी यादप्यार। ओम् शान्ति।