अव्यक्त मुरली
... ऐसे अखबार में विशेष चाहे सप्ताह में, चाहे रोज़, चाहे हर दूसरे दिन एक पीस (एक टुकड़ा) मुकरर हो जाए कि यह आध्यात्म-शक्ति बढ़ाने का मौका है। ऐसा पुरूषार्थ करो ...
15 February 2000
A part; A portion
ముక్క; భాగము
टुकड़ा