संस्कृत
... परन्तु अगर न यहाँ के न वहाँ के रहते हो तो मुश्किल लगता है। न पूरा छोड़ते हो, न पूरा लेते हो तो अधमरे हो जाते हो, इसलिए बार-बार लम्बा श्वांस उठाते हो। ... (अव्यक्त मुरली - 3 April 1982)
आधा मरा हुआ
Half dead
సగం చచ్చిన