साकार मुरली
... कली बन फिर मुरझाकर ख़त्म हो जायें, यह कोई पढ़ाई थोड़ेही हुई। मुखड़ी बंद की बंद रहेगी तो प्रजा में चले जायेंगे...
21 September 2018
संस्कृत
Bud
మొగ్గ
कलिका; फूल का आरम्भिक स्वरूप