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10 April 2015 · हिंदी
अपने स्व स्वरूप में, भविष्य स्वरूप में और संगम का महान स्वरूप तीनों रूपों को जानते हो? और सदा तीनों ही स्वरूप एक सेकण्ड में सामने आ जाते हैं? इस समय बापदादा बच्चों की वर्तमान ब्राह्मण स्वरूप की महिमा देख रहे हैं। हर एक की महिमा बहुत महान है क्योंकि सारे कल्प में सबसे भाग्यवान स्वरूप इस समय यह संगमयुग के समय का है और संगमयुग के भाग्य को हर एक अनुभव कर रहे हैं। वाह संगमयुग का वरदानी समय वाह! ठीक है। बापदादा तो देख रहे हैं, हर एक बच्चा भी अपने भविष्य स्वरूप को जानकर हर्षित हो रहे हैं। अच्छा है।
दादी जानकी जी ने गुल्जार दादी को और पारला निवासियों को बहुत-बहुत यादप्यार और बधाई दी।
ड्रामा में जो हुआ सो अच्छा। सभी खुशी से बाबा से मिले। कुछ मिस नहीं किया ना! क्योंकि बाबा और हम बच्चे सभी साथ-साथ बैठे हैं। सभी ने बाबा से दृष्टि लिया। दादी हमेशा मुझे अपने साथ सभा में ले आती थी, आज मिस कर रही थी। आज दादी पारला में है, हम सबको बापदादा से मिलाया, सब बहुत-बहुत खुश हो गये। ड्रामा की ऐसी नॉलेज है, जो शान्त बना देती है। अभी सभी खुश हुए ना! सभी को बाबा की भासना आ गई। भासना और भावना, हमारे को जो भासना चाहिए बाबा के मिलन की, वह मिलन की भासना मिस नहीं हुई। बाबा के हम बच्चे हैं, बाबा ने आप हम सबको कहाँ बिठाया है। बाबा ने सूक्ष्म में हम सबको कितनी सकाश दी है, बाबा की सकाश हम सबको मिल रही है। बाबा का हमारे लिए कितना प्यार है।
पारला में निर्वैर भाई ने बापदादा को गुलदस्ता दिया:-
(बापदादा ने निर्वैर भाई के मस्तक पर हाथ रखा)
बापदादा ने बहुत स्नेह से सभी को फल दिखाते हुए कहा कि सभी महसूस करो कि यह फल हमारे मुख में आ रहा है। बापदादा को एक-एक बच्चा प्यारा है। ऐसे नहीं पहले नम्बर में बहिनें हैं, या भाई हैं, सभी हैं। जिसकी दिल बाबा के साथ है उसके दिल में बाबा है, बाबा के दिल में वह है।
निर्वैर भाई ने सभी को याद देते हुए कहा कि आज बापदादा का विशेष मिलन दिवस है और हम सभी देश विदेश के भाई बहिनें खास सम्मुख आये हुए हैं। बापदादा हम सबकी दिल पूरी करते हैं और हम सबसे मिलने के लिए सम्मुख पहुंचे हैं। आप सबको इसकी बहुत-बहुत मुबारक हो, मुबारक हो। बापदादा के आने से हर एक ब्राह्मण बच्चे का निश्चय और परिपक्व होता है। बापदादा हमेशा संगमयुग पर अपने रथ द्वारा हमारे साथ होंगे। हम ज्ञान रत्नों से और धारणाओं से अपनी झोली भरते, विश्व महाराजा महारानी का भविष्य ताज पहनेंगे और बापदादा खुद हम सबको यह ताज पहनायेंगे।।
योगिनी बहन:- ड्रामानुसार हमें बहुत खुशी है कि हम पारला में बैठे हुए फील कर रहे हैं कि हम डायमण्ड हाल में ही बैठे हैं। हमारे साथ देश विदेश के सभी पधारे हुए भाई बहिनें, टीचर्स बहिनें हैं। आज बापदादा ने सबको बहुत प्यार भरी दृष्टि देकर वरदानों से सबकी झोली भर दी है।
हमारी नीलू बहन भी बापदादा के रथ की बहुत प्यार से सेवा कर रही हैं और हमारे निर्वैर भाई भी हमारे साथ हैं, हमें बहुत खुशी है, निर्वैर भाई भी ठीक होते जा रहे हैं।