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31 Dec 2020
"इस नये वर्ष में हर एक सन्तुष्टमणि बन सन्तुष्टता की शक्ति द्वारा समस्या प्रूफ , समाधान स्वरूप बनो"
31 December 2020 · हिंदी
31-12-2020 Avyakt BapDada 31-12-2020
31-12-20 ओम् शान्ति “दिनचर्या'' मधुबन
प्राणप्यारे अव्यक्त बापदादा के अति लाडले, सदा सन्तुष्टता की शक्ति से माया और प्रकृति की हलचल को परिवर्तन करने वाली निमित्त टीचर्स बहिनें तथा सर्व बाबा के नूरे रत्न, सदा उमंग-उत्साह के पंखों से उड़ने वाले देश विदेश के सभी ब्राह्मण कुल भूषण भाई बहिनें, ईश्वरीय स्नेह सम्पन्न मधुर याद के साथ नये वर्ष, नये युग की बहुत-बहुत हार्दिक शुभ कामनायें।
यह नया वर्ष, नया उमंग-नया उत्साह लेकर आया है, अभी यह वर्ष जो बीता है, सभी ब्रह्मा वत्सों ने इसे यादगार रूप बनाया है। भले यह वर्ष कोरोनाकाल का रहा, भाग दौड़ वाली वाचा सेवायें कम हुई, लेकिन सभी ने बहुत अच्छी मन्सा सेवायें की हैं। हर एक को अपनी ऊंचे से ऊंची स्व-स्थिति बनाने का गोल्डन चांस मिला है। सभी ने अपने संकल्प, श्वांस और समय को सफल किया है। हर एक को बहुत कुछ सीखने, अनुभव करने, एकाग्रता का अभ्यास बढ़ाने के लिए एकान्तवास का समय मिला। साइन्स के साधनों द्वारा ऑन लाइन क्लासेज़ वा सेवाओं के भिन्न-भिन्न कार्यक्रम भी बहुत अच्छे सफल रहे हैं। अनेक नई-नई आत्माओं ने इस माध्यम से भी बाबा को पहचाना और ज्ञान योग के साप्ताहिक कोर्स किये। यह भी सेवा का नया दौर देखने और अनुभव करने को मिला। बाबा कहते बच्चे, ड्रामा की हर सीन में कुछ न कुछ कल्याण समाया हुआ है। बाबा के बच्चे तो हर सीन देखते नथिंग न्यु की स्मृति से सदा अचल अडोल रहते हैं।
अभी 21 वीं सदी का यह 2021 वर्ष विशेष हम सब तपस्या वर्ष के रूप में मनायेंगे। यह तपस्या ही आत्मा को बाप समान सम्पन्न और सम्पूर्ण बनायेगी। जनवरी मास तो हम सबके प्यारे ब्रह्मा बाबा का स्मृति मास है, इसमें तो हम सभी विशेष ब्रह्मा बाप समान बनने के लिए उनके एक एक कदम पर कदम रख अपनी श्रेष्ठ स्थिति बनायेंगे ही। इसके लिए जनवरी मास के पत्र पुष्प में पूरे मास का होमवर्क आप सबके पास ईमेल से भेजा गया है। सभी बहुत अच्छी तरह अन्तर्मुखी बन, मन और मुख का मौन रख, अपनी अव्यक्त अलौकिक स्थिति बनाना जी।
बाकी बाबा के मिलन की यह सीजन भी अति न्यारी प्यारी है, अभी दिल्ली/आगरा ज़ोन से कुछेक भाई बहिनें सम्मुख पहुंचे हैं। अन्य सभी देश विदेश के लाखों भाई बहिनें आनॅलाइन ही अव्यक्त मिलन की अनुभूतियां करते, अनेक वरदानों से अपनी झोली भर रहे हैं। बापदादा के वरदानी महावाक्य हर एक बच्चे में नया उमंग, नया उत्साह भर देते हैं। अभी तो सबको सम्पूर्ण बनने की रेस के साथ-साथ प्यारे बापदादा को विश्व के कोने-कोने में प्रत्यक्ष करना ही है। अच्छा - सभी को नये वर्ष की बहुत-बहुत दिल से बधाईयां।
ओम् शान्ति।
31-12-20 ओम् शान्ति “अव्यक्त महावाक्य” रिवाइज वीडियो 31-12-12 मधुबन
आज बापदादा अपने चारों ओर सन्तुष्ट मणियों को देख रहे हैं। हर एक की लाइट बहुत अच्छी चमक रही है क्योंकि सन्तुष्टता की शक्ति बहुत श्रेष्ठ है। जहाँ सन्तुष्टता है वहाँ और शक्तियां भी आ जाती हैं। सन्तुष्टता की शक्ति किसी भी प्रकार की समस्या को सहज समाप्त कर सकती है। जहाँ सन्तुष्टता है वहाँ कोई अप्राप्त शक्ति नहीं, सन्तुष्टता की शक्ति कैसा भी वायुमण्डल हो, कैसा भी सरकमस्टांश हो उनको सहज परिवर्तन कर सकती है। सन्तुष्टता माया और प्रकृति की हलचल को परिवर्तन कर देती है। तो हर एक अपने को देखे कि हम सन्तुष्टमणि बने हैं? कोई भी मनुष्यात्मा की परिस्थिति को परिवर्तन कर वायुमण्डल परिवर्तन कर सकते हैं?
बापदादा भी आज विशेष अपने सन्तुष्टमणि आत्माओं को देख बहुत खुश हो रहे हैं। बापदादा ने देखा यहाँ सेवा में, साथियों में सन्तुष्टता की शक्ति वायुमण्डल को परिवर्तन कर लेती है। तो अपने को ऐसे सन्तुष्टमणि अनुभव करते हो? जो समझते हैं सन्तुष्टता की शक्ति है और समय पर कार्य में लगाते सफलता का अनुभव भी होता है, वह हाथ उठाओ। अच्छा। लम्बा हाथ उठाओ। हाथ तो बहुत अच्छे उठाते हो। बापदादा भी सभी के हाथों को देख खुश है। लेकिन यह चेक करो कि कोई भी साथियों में हलचल होती है, उस समय यह शक्ति परिवर्तन करती है? उसकी रिजल्ट पहले अपने-अपने स्थानों को शक्तिशाली बनाने में सक्सेस हैं?
बापदादा ने देखा कई स्थानों में अभी भी सहनशक्ति से स्थानों को सदा निर्विघ्न बनाने की आवश्यकता है! बापदादा ने कार्य दिया था कि हर एक स्थान अर्थात् सेवाकेन्द्र, ज़ोन निर्विघ्न की रिपोर्ट देवे। याद है? है याद! उसी हिसाब से समय की आवश्यकता अनुसार अभी हर स्थान निर्विघ्न होना आवश्यक है। चाहे सेवास्थान है, चाहे अपने प्रवृत्ति में हैं, हर स्थान निर्विघ्न सन्तुष्टता की शक्ति से सम्पन्न हो। समय की रफ्तार तो देख रहे हो। तो बापदादा ने देखा सन्तुष्टता की शक्ति चाहे स्वयं में, चाहे संगठन में अभी अटेन्शन देने की आवश्यकता है।
ब्रह्मा बाप चारों ओर चक्कर लगाते हैं। सबसे सहज साधन सम्पूर्ण बनने का जानते हो कौन सा है? फॉलो फादर। आदि से लेके अन्त तक ब्रह्मा बाप ने सन्तुष्टता की शक्ति से हर परिस्थिति पर विजय प्राप्त की। तो बापदादा आज सभी को विशेष इशारा दे रहे हैं, हर एक सन्तुष्टमणि बन सन्तुष्टता की शक्ति को विशेष कार्य में लगाते जाओ।
अब नया वर्ष आ रहा है, इसमें हर एक को यह चेक करना है कि सन्तुष्टता की शक्ति से स्वयं भी सन्तुष्ट, साथी भी सन्तुष्ट रहे? जो बापदादा चाहते हैं वैसे ही सन्तुष्ट रहे? कोई भी समस्या सन्तुष्टता से समाप्त हुई? क्योंकि दुनिया में दिनप्रतिदिन असन्तुष्टता बढ़नी ही है, उसके लिए अपने को देखें कि मैं सारा दिन सन्तुष्टमणि रही या रहा? इसका सहज साधन है फॉलो ब्रह्मा फादर क्योंकि आजकल दुनिया में असन्तुष्टता बढ़नी ही है।
बाकी बापदादा ने सभी बच्चों को नये वर्ष के लिए विशेष अमृतवेले सहज वरदान के रूप में वरदान देने का प्लैन बनाया है। सब पूछते हैं ना नये वर्ष में क्या होगा? तो बापदादा का विशेष दृढ़ संकल्प वालों को पुरुषार्थ में सहयोग प्राप्त होगा, तो इस नये वर्ष की गिफ्ट से सहज हो जायेगा। अमृतवेले का यह वरदान पसन्द है? पसन्द है! करते तो हो लेकिन बापदादा की तरफ से विशेष सहयोग, स्नेह, शक्ति प्राप्त होगी। ठीक है! ठीक है? क्योंकि बापदादा ने देखा सबको लगन अच्छी है। कुछ करना है, यह लगन अच्छी है लेकिन जो बीच में कोई न कोई सरकमस्टांश आते हैं उसके लिए इस वर्ष में सन्तुष्टता की शक्ति विशेष कार्य में लगाना। चेक करना तो आगे स्वत: ही बढ़ते जायेंगे। अच्छा।
सभी जगह-जगह से आये हैं। चारों ओर भी मधुबन को लगन से याद करते रहते हैं। तो आप क्या बनेंगे? सन्तुष्टमणि। पसन्द है! सन्तुष्टमणि बनना पसन्द है, तो हाथ हिलाओ। अगर हर एक सन्तुष्ट रहेगा तो चारों ओर क्या होगा! वाह वाह! का गीत बजेगा। तो आप सभी कौन हो? कौन हो? सभी सन्तुष्टमणि हो? सन्तुष्टमणि हैं कि थोड़ा-थोड़ा हैं? कहो, हम नहीं बनेंगे तो कौन बनेगा! बापदादा चक्र लगाये तो क्या देखे? हर स्थान पर सन्तुष्टमणियों की लाइट चमक रही है क्योंकि बापदादा को चारों ओर चक्र लगाने में देरी नहीं लगती है। तो चारों ओर सन्तुष्टमणियों की लाइट कितनी चमक रही है, यह रिजल्ट इस वर्ष देखेंगे।
इस वर्ष अपने में समस्या प्रूफ, समाधान स्वरूप की विशेष रिजल्ट देखनी है। चारों ओर के बच्चे मैजारिटी मधुबन में मन से पहुंचे हुए हैं। बापदादा देख रहे हैं, चारों ओर के बच्चे कितने लगन से मन द्वारा मधुबन में पहुंचे हैं। आप साकार में पहुंचे हैं, चारों ओर के बच्चों को बापदादा भी विशेष यादप्यार दे रहे हैं। और विशेष सन्तुष्टता की शक्ति का वरदान चारों ओर के बच्चों को दे रहे हैं। सन्तुष्ट रहना, सन्तुष्ट करना और सन्तुष्टता की शक्ति से विश्व में भी सन्तुष्टता का वायब्रेशन फैलाना। अच्छा। सभी खुश हैं? हैं खुश तो दो-दो हाथ उठाओ। बापदादा भी बच्चों को मधुबन में देख खुश है। कुछ भी होवे ना, कोई भी ऐसी प्रॉब्लम छोटी-मोटी आवे ना तो आप मधुबन में मन से पहुंच जाना। तन से नहीं मन से। बापदादा बच्चों के मन में एकस्ट्रा खुशी की खुराक भर देंगे। अच्छा है, मधुबन में आना अर्थात् पुरुषार्थ में आगे कदम बढ़ाना। अभी भी चेक करना मधुबन में आये तो कितना अपने में आगे बढ़ने में सहयोग लिया? मधुबन में सहज सारा दिन क्या याद रहता है? बाबा, बाबा, बाबा..। सुनते हैं तो भी बाबा की बातें, चलते हैं तो मधुबन का पावन स्थान, खाते हैं तो ब्रह्मा भोजन, पावरफुल क्योंकि यहाँ विशेष ड्युटी वालों को याद दिलाया जाता है इसलिए मधुबन में आना अर्थात् अपने में ज्ञान, योग, धारणा और सेवा में कदम को आगे बढ़ाना। तो सभी ने मधुबन का यह सब फायदा उठाया है? उठाया है! फायदा उठाया है? क्योंकि यहाँ तो कोई जिम्मेवारी है ही नहीं। अपने को आगे बढ़ाने की जिम्मेवारी है? अच्छा।
सेवा का टर्न , दिल्ली आगरा का है:- दिल्ली वाले उठो। दिल्ली वाले लाइट माइट का रूप बनके आये हैं। अच्छा हॉल में रौनक हो गई है। अच्छा। देहली वालों को तो राजधानी तैयार करनी है क्योंकि सभी को राज्य तो करना है ना, तख्त पर भले नहीं बैठें, लेकिन होंगे तो राज्य अधिकारी। अच्छा है, दिल्ली वालों को सर्विस का उमंग तो अच्छा है। अभी दिल्ली को नम्बरवन निर्विघ्न ज़ोन, यह रिजल्ट देनी है। उमंग तो अच्छा है लेकिन अभी प्रूफ देना है। दिल्ली वाले करेंगे ना! हाथ उठाओ क्योंकि अभी तक बापदादा को किसी भी ज़ोन से रिजल्ट नहीं आई है। तो इसमें भी नम्बरवन लेगी ना दिल्ली। हाँ टीचर्स हाथ उठाओ। तो लेंगे? थोड़ा ढीला-ढाला उठाया। भाईयों ने उठाया! अच्छा। भिन्न-भिन्न स्थान पर बैठे हैं। अच्छा है, बापदादा ने देखा सेवा का उमंग सभी ज़ोन में है और इस वर्ष में चारों ओर सभी ने यथा शक्ति प्रोग्राम भी अच्छे किये हैं। सेवा का उमंग-उत्साह चारों ओर है और यह सेवा का उमंग बढ़ाते जायेंगे तो क्या होगा? भारत महान बन जायेगा। अच्छा। दिल्ली वालों को मुबारक हो।
डबल विदेशी:- हाथ उठाओ। बहुत अच्छा। बापदादा ने देखा कि मधुबन का फायदा फॉरेन वालों ने बहुत अच्छा उठाया है। चाहे रिट्रीट की, चाहे कोई भी प्रोग्राम किये लेकिन संगठन में जो एक दो को सहयोग और हिम्मत मिली उसकी रिजल्ट अच्छी है इसीलिए बापदादा डबल फॉरेनर्स को 100 बार फायदा उठाने की मुबारक दे रहे हैं। और डबल फॉरेनर्स को बापदादा ने क्या टाइटल दिया! डबल पुरुषार्थी। डबल फॉरेनर नहीं लेकिन डबल पुरुषार्थी हैं। जब भी कोई डबल कहे ना तो कहो डबल फॉरेनर्स ही नहीं, डबल पुरुषार्थी भी हैं। और अपने को चेक करना। बापदादा जानते हैं अटेन्शन है और विशेष अटेन्शन दिलाया भी जाता है इसीलिए बापदादा को अच्छा लगता है, चाहे देरी से आये हैं, लेकिन पुरुषार्थ में पीछे नहीं हैं। आगे जा रहे हैं और आगे जाते रहेंगे। यह भी बापदादा देख रहे हैं। बापदादा खुश है इसकी ताली बजाओ।
अभी बापदादा हर एक के पुरुषार्थ में प्रोग्रेस यह चाहते हैं, चारों ओर सब तरफ नम्बरवन हो, ऐसा अभी एक दो के सहयोगी बन ऐसी रिजल्ट निकालो। जो भी ज़ोन देखो नम्बरवन हो। यह हो सकता है? हो सकता है? दादियां सुनाओ, हो सकता है? हाँ बोलो, हो सकता है? (हम नहीं करेंगे तो कौन करेगा, हम ही तो करेंगे) हाथ उठाओ, डबल पुरुषार्थी बनेंगे! जहाँ भी जो सुन रहे हैं, देख रहे हैं सब यह संकल्प करो - करना ही है और जो बहादुर होंगे वह तो कहेंगे बाबा बड़ी बात क्या है, हुआ ही पड़ा है क्योंकि आपका वायब्रेशन दुनिया तक जाये। आप लोग अगर पुरुषार्थ में आगे जायेंगे तो उसका वायब्रेशन दुनिया के दु:खी लोगों तक पहुंचेगा। आजकल तो कितना दु:ख बढ़ रहा है! कारण ही ऐसे बनते हैं जो दु:ख ही दु:ख फैल जाता है। अच्छा -
सभी को याद है, अगले वर्ष क्या करना है? तो ऐसा पुरुषार्थ करके आगे बढ़ो और आगे बढ़ाओ। अच्छा।
बापदादा ने सभी बच्चों को नये वर्ष की बधाईयां दी:
चारों ओर के बच्चों को नये वर्ष की मुबारक हो, मुबारक हो, मुबारक हो। इस नये वर्ष में कुछ न कुछ नवीनता अपने में लानी है। जो अभी तक परिवर्तन नहीं किया हो, मुश्किल लगता हो वह इस नये वर्ष में करके समाचार लिखना। अपने को निर्विघ्न बनाना और दूसरों को भी निर्विघ्न बनाने में सहयोगी बनना। सब सन्तुष्टमणियां, चमकती रहे, ऐसे बापदादा देखने चाहते हैं। अच्छा!
चारों ओर के बच्चों को बहुत-बहुत-बहुत यादप्यार और परिवर्तन मनाने की मुबारक हो, मुबारक हो, मुबारक हो। ओम् शान्ति।