"संगम का यह समय सबसे श्रेष्ठ खजाना है, इसे सफल करो और अपने चेहरे से भरपूरता की झलक दिखाओ'"
15-11-2021 मधुबन अव्यक्त बापदादा ओम् शान्ति 15-11-2021
ईश्वरीय स्नेह सम्पन्न मधुर याद स्वीकार करना जी।
आप सभी अपनी एकव्रता स्थिति द्वारा दाता, भाग्य विधाता और वरदाता बाप को राज़ी कर स्वयं को सर्व खजानों, सर्व शक्तियों से सम्पन्न अनुभव कर रहे होंगे! बाबा कहते बच्चे बाबा को यह “एक'' शब्द बहुत प्यारा लगता है। एक बल एक भरोसा, एक बाबा दूसरा न कोई, एकनामी, एकॉनामी, एकाग्रता, एकान्तप्रिय, एकमत, एकरस स्थिति में स्थित रह जो स्वयं को सदा भरपूर अनुभव करते हैं, बाबा ऐसे बच्चों पर ही सदा राज़ी रहता है। बोलो, आप सभी इस एक के पाठ को पक्का कर सदा परमात्म वरदानों का अनुभव कर रहे हो ना!
ड्रामा की नूंध अनुसार अभी तो बाबा के बच्चे बहुत ही उमंग-उत्साह के साथ बाबा के घर में आ रहे हैं। अव्यक्त वतन से प्यारे बापदादा की सूक्ष्म सकाश पूरे ही शान्तिवन परिसर में सभी अनुभव करते, वाह बाबा वाह के गीत गा रहे हैं। बाबा ने अपने अवतरण स्थान को रूहानियत का चुम्बक बना दिया है। हर एक यही अनुभव करते कि यह डॉयमण्ड हाल आकर्षण का विशेष केन्द्र बन गया है। सभी अपने बेहद परिवार से मिलते, वरिष्ठ भाई बहिनों के अनुभव युक्त क्लासेज़ सुनते, अव्यक्ति वातावरण का बहुत सुन्दर अनुभव कर भरपूर हो रहे हैं। यह भी रूहानी जादूगर बाबा की कमाल है जो सभी के दिल से निकलता मेरा बाबा, प्यारा बाबा, हम सबके सम्मुख विराजमान है। बापदादा की रूहानी दृष्टि, स्नेह भरे मधुर बोल, भले पुरानी वीडियो द्वारा देखते सुनते हैं, फिर भी वही साकार सो अव्यक्त मिलन की अनुभूति करते हैं। अभी इन्दौर ज़ोन (आरती बहन) का ग्रुप आया हुआ है, इसके साथ-साथ अन्य स्थानों के कुछ भाई बहिनें भी चांस ले लेते हैं। आप सभी अपने अपने स्थानों पर ऑन लाइन बाबा मिलन की अच्छी अनुभूतियां कर रहे होंगे।
अच्छा - सभी को बहुत बहुत याद.... ओम् शान्ति।
15-11-21 ओम् शान्ति “अव्यक्त-बापदादा'' रिवाइज 05-04-13 मधुबन
आज सर्व खजानों के मालिक अपने खजानों से सम्पन्न बच्चों को देख खुश हो रहे हैं और दिल से निकलता है वाह बच्चे वाह! हर एक बच्चे की सूरत में खजानों के प्राप्ति की चमक चमक रही है। मैजॉरिटी बच्चों की सूरत में खजानों से भरपूरता की चमक दिखाई दे रही है। बापदादा एक-एक बच्चे के गुणगान कर रहे हैं - वाह बच्चे वाह! बोलो, वाह वाह बच्चे हो ना! बाप ने कहा बच्चों ने किया। बाप कहते हैं हर एक बच्चे की सूरत में, मस्तक में खजाने के मालिकपन की झलक दिखाई देनी चाहिए। वह बापदादा आज हर खजाने के अधिकारी बच्चों में देख खुश हो रहे हैं और क्या गीत गा रहे हैं? वाह बच्चे वाह! जैसे आज हर एक के सूरत में खजाने से भरपूरता की झलक है, ऐसे ही सदा रहे। कोई भी देखे तो आपकी शक्ल बोले, आपको बोलने की आवश्यकता नहीं। तो सदा चेक करो जैसे अभी आपके चेहरे चमक रहे हैं ऐसे सदा रहता है? जो कोई भी देखे, चेहरा बताये, मुख से बोलने की आवश्यकता नहीं, चेहरा बोले। ऐसे ही सदा खजाने से सम्पन्न चाहे कर्म करते, चाहे योग करते, चाहे बाप की याद में रहते, ऐसे ही दिखाई दे। हर एक ऐसे चमकते हुए चेहरे समान सदा रह सकते हैं ना! क्योंकि आजकल जैसे समय आगे बढ़ेगा वैसे हालतों के प्रमाण टेन्शन बढ़ेगा। तो आपके चेहरे उन्हों को खुश करेंगे। ऐसी सेवा करने के लिए हर एक बच्चे को तैयारी करनी है। खजाने कौन से हैं? जानते हो ना! विशेष खजाना है ज्ञान, योग, धारणा तो अपने में चेक करो।
बापदादा आज की सभा में विशेष खजानों से सम्पन्न बच्चों को देख रहे हैं। वैसे सबसे श्रेष्ठ खजाना आजकल का संगम का समय है क्योंकि आजकल के समय में स्वयं बाप, बाप गुरू के सम्बन्ध में आये हुए हैं। आज के समय में स्वयं बाप बच्चों को खजानों से सम्पन्न बना रहे हैं। तो बोलो, समय से प्यार है ना! तो सभी चेक करो हमारे में सर्व खजाने जमा हैं? बाप समान सर्व खजाने बांट रहे हैं? जो समझते हैं कि बाप समान हम भी खजाने के अधिकारी हैं, वह हाथ उठाना। बापदादा खुश है, हाथ तो मैजॉरिटी उठा रहे हैं। बापदादा हर बच्चे को खजानों से भरपूरता की बधाई दे रहे हैं। अच्छा है, बापदादा अपने खजाने से भरपूर बच्चों को देख खुश हो रहे हैं।
तो सभी तरफ के आये हुए बच्चों को देख बापदादा हर एक बच्चे की स्वागत कर रहे हैं। जैसे अभी सब खुशी में भरपूर दिखाई दे रहे हैं, ऐसे ही सदा रहते हैं? कोई भी बात आये लेकिन बातें हमारे खजानों की खुशी नहीं ले जायें। जैसे अभी खुशी का चेहरा है, स्नेह प्रेम का चेहरा है, ऐसे सदा रहे। बोलो, रह सकता है? जो समझते हैं सदा रहेगा, बीती सो बीती, अभी सदा रहेगा वह हाथ उठाओ। देखो, हाथ तो सभी उठा रहे हैं, मैजॉरिटी उठा रहे हैं। तो कभी भी कोई भी बात आये ऐसे ही चेहरा रहेगा? कांध तो हिलाओ। रहेगा? रहेगा? तो सब देखेंगे यह कौन आये हैं, आपको देख करके आधे खुश तो वह भी हो जायेंगे। अच्छा। आज कौन से ज़ोन आये हैं?
सेवा का टर्न इन्दौर ज़ोन का है:- अच्छा, आधा हाल तो इन्दौर ज़ोन खड़े हुए हैं। वाह बच्चे वाह! अच्छा है, बापदादा हर बच्चे को देख खुशी की ताली बजा रहे हैं। लेकिन वहाँ जाके भी जैसे आज अभी खुशमिज़ाज चेहरा है, ऐसे ही सदा रहे, अपने से ऐसी प्रॉमिस करो। देखो, यह अच्छा लगता है ना! मुरझाया चेहरा भी रखो और मुस्कराता चेहरा भी रखो, क्या अच्छा लगेगा? मुस्कराता चेहरा अच्छा लगेगा ना! तो आज से सभी बच्चे, सिर्फ ज़ोन नहीं सभी बच्चे अपने दिल में प्रॉमिस करो सदा खुश रहेंगे और सभी को खुश करेंगे क्योंकि खुशी जैसी कोई खुराक नहीं, बापदादा ने अनेक बार खुशी की कमाल सुनाई है। जो एक खुशी में कमाल है। देखो, कोई भी चीज़ अगर बांटते हैं तो अपने पास कम होती है लेकिन खुशी अगर बांटो, कम होगी? बढ़ेगी ना! तो बापदादा का स्लोगन है, यह याद रखो। यहाँ (मस्तक पर) लिख दो खुश रहना है और खुश करना है। है पसन्द? जिसको पसन्द है, वह हाथ उठाओ। तो आप इतने खुशमिज़ाज बच्चों को देख कितने खुश हो जायेंगे। तो पक्का प्रॉमिस करो, क्या करो? खुश रहेंगे और खुशी बांटेंगे। पक्का है? कि यहाँ भी कोई बात हो गई तो खुशी गायब हो जायेगी। नहीं। खुशी गायब होने की बात ही नहीं है। आज से सभी चेक करना। खुशी को जाने नहीं देना। है ताकत? है तो हाथ उठाओ। अच्छा। देखना। आपके ज़ोन वाले, आपके सेन्टर वाले आपका हाथ देख रहे हैं। बापदादा खुश है। हिम्मत तो रखी है। आपकी हिम्मत बाप की मदद साथ में रहेगी। सभी का फोटो तो निकाल रहे हो ना! फिर यह फोटो इस ज़ोन को भी देना। अगर आने वाले चाहें तो उन्हों को भी यह फोटो देना। आज जैसी शक्ल सदा रहे। तो सभी को मंजूर है, सदा खुश रहेंगे और खुशी बांटेंगे? है मंजूर। दो दो हाथ उठाओ। अच्छा। यह फोटो अपना याद रखना।
बापदादा का यही संकल्प है कि हर एक बच्चा अपनी कमजोरी को तो जानते ही हैं, जो विशेष कमजोरी हो, आप तो जानते हो ना अपनी कमजोरी को। वह कमजोरी समाप्त करके आना। चाहे व्यर्थ संकल्प हो, चाहे क्रोध हो, छोटा-छोटा क्रोध भी स्वयं को और स्थान को तंग करता है। तो जो भी कमी हो उसको समाप्त करके आना। पसन्द है! पसन्द है तो दो-दो हाथ उठाओ। वाह भाई वाह! जैसे हाथ उठाने में एवररेडी हो गये ना, ऐसे ही त्याग करने में भी एवररेडी रहना।
तो अभी आज का स्लोगन क्या रहा? खुश रहेंगे, खुश करेंगे। पसन्द है ना! हाथ उठाओ पसन्द है? फोटोग्राफर यह फोटो निकालना। तो जो भी कमजोरी हो वह आज इसी हॉल में छोड़के जाना, साथ नहीं लेके जाना। कर सकते हो? इसमें हाथ उठाओ। मुबारक हो, मुबारक हो, मुबारक हो। अच्छा।
डबल विदेशी:- बापदादा डबल विदेशी नहीं कहते, डबल पुरुषार्थी कहते हैं, पसन्द है ना। बापदादा ने देखा कि डबल विदेशी भी अन्दर-अन्दर परिवर्तन की विधि बहुत अच्छी कर रहे हैं। बापदादा खुश होते हैं डबल विदेशी आगे बढ़ रहे हैं। पुरुषार्थ में उमंग-उत्साह बढ़ाते रहेंगे, यह प्रॉमिस करके जा रहे हैं। ऐसे है ना! प्रॉमिस करते हैं ना! और इस बारी देखा यह डबल पुरुषार्थी अच्छी रिजल्ट में आपस में मिले भी हैं और संकल्प भी श्रेष्ठ किया है। लेकिन इस संकल्प को वहाँ जाते भी रोज़ स्मृति में लाना। रात्रि के समय जब सोने जाओ तो चेक करना जो संकल्प किया वह हो रहा है? अगर नहीं हो रहा हो तो रात को सोने के पहले ही दूसरे दिन के उमंग-उत्साह को इमर्ज करके फिर सोना। और सुबह को उठकर देखना कि किया हुआ संकल्प अभी भी इमर्ज है या थोड़ा भी मर्ज हो गया! अगर मर्ज हो गया हो तो फिर उमंग में लाना। बापदादा ने देखा विदेशियों में काफी फर्क है और बापदादा दिल से मुबारक भी देते हैं वाह बच्चे वाह! (दादी जानकी ने कहा सभी कहो वाह बाबा वाह!) बापदादा समझता है एक भी बच्चा कम नहीं हो। एक दो से आगे हो, चाहे विदेश के चाहे देश के। बापदादा को खुशी है विदेश वालों ने जो मधुबन में उन्नति के साधन रखे हैं, मधुबन का भी लाभ उठाते हैं वह देख करके बाबा खुश होते हैं क्योंकि विदेश में तो इतने सारे इकटठे नहीं हो सकते, लेकिन मधुबन में आकर सभी विदेशी मधुबन का लाभ उठाने में अच्छे जा रहे हैं, यह देख करके बापदादा खुश है। आप देश वाले भी विदेशियों के पुरुषार्थ को देख खुश है ना! देखो आप पर सभी खुश हैं। अच्छा है, बापदादा की विशेष मुबारक हो, मुबारक हो, मुबारक हो।
टीचर्स से:- हाथ उठाओ टीचर्स। बहुत हैं टीचर्स। टीचर अर्थात् अपने फीचर से फ्युचर दिखाने वाली। बापदादा टीचर्स को बहुत-बहुत-बहुत दिल से प्यार करते हैं क्योंकि टीचर बाप समान ड्युटी पर हैं। बापदादा खुश है लेकिन... लेकिन है, अभी लेकिन नहीं सुनाते। लेकिन हर एक टीचर माना फीचर से बाप को प्रगट करने वाली। अच्छा है, मेहनत करते हो वह भी बापदादा देखता है लेकिन सेन्टर को निर्विघ्न बनाना, यह अभी बापदादा की दिल पूरी नहीं की है। अभी इसी साल यह प्रयत्न करना। हर एक की तरफ से यह पत्र आये “हमारा ज़ोन निर्विघ्न है''। हो सकता है? हो सकता है? कम हिम्मत रखते हैं! अभी इस साल कमाल करके दिखाना। हिम्मत है ना! हिम्मत है, हो जायेगा। बापदादा साथ है। फिर भी बापदादा आपके भाग्य को देख खुश है। अब और खुश करना। समझ तो गई हो। अच्छा। जो बापदादा चाहता है वह सुनाने की आवश्यकता नहीं है। जो बापदादा चाहते हैं, आप भी चाहते हो वह प्रैक्टिकल करना है। ठीक है। ठीक है टीचर्स! हाथ उठाओ। बहुत टीचर्स हैं, वाह टीचर्स वाह! अच्छा,
जो भी कमी है उसको छोड़ना ही है। छोड़ना ही है, यह है पक्का? जिसको पक्का संकल्प है, करना ही है, वह हाथ उठाओ। अच्छा। हाथ तो बहुत अच्छा उठाया। बापदादा हाथ देख करके तो खुश है। अभी करने में नम्बर लेना है। तो इस सीजन में जो संकल्प कर रहे हो वह संकल्प नहीं लेकिन करना ही है। कुछ भी हो जाए बदलना ही है। यह दृढ़ संकल्प करो। आखिर समय को समीप तो लाना है। अपने राज्य में चलना है ना। चलना है ना! हाथ उठाओ चलना है। चलना है? तो देखेंगे, चलने की तैयारी करनी ही है। अच्छा।
सभी को बहुत-बहुत-बहुत बापदादा का यादप्यार। आजकल तो सभी साइंस के साधनों से नजदीक ही देखने वाले हैं। तो सभी देखने वाले और सम्मुख वाले सभी को बापदादा का यादप्यार और दिल का हार बापदादा पहना रहे हैं। अच्छा, ओम् शान्ति।
