... एग्जीबीशन तो बनायेंगे और बनी हुई भी है लेकिन हर चित्र में ऐसा सार भरो– जो उसी सार की तरफ अटेन्शन जाते ही शान्ति और सुख की अनुभूति करें ... (अव्यक्त मुरली - 29 December 1981)
प्रदर्शनी
Public show; Display
వస్తు ప్రదర్శన; చూపుట