ब्रह्माकुमारीज़ के पोखरा स्थित पार्दी सेवा केंद्र द्वारा “आध्यात्मिक सशक्तिकरण द्वारा न्यायिक उत्कृष्टता” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्याय एवं कानून क्षेत्र से जुड़े 200 से अधिक विशिष्ट व्यक्तियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में पोखरा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ. रत्न बहादुर बागचंद की प्रमुख उपस्थिति रही। उच्च अदालत एवं विभिन्न जिला अदालतों के न्यायाधीशों के साथ न्यायिक एवं कानूनी क्षेत्र के अधिकारी, सरकारी कार्यालयों के प्रमुख, अधिवक्ता तथा न्यायिक कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
ब्रह्माकुमारीज़ पश्चिम नेपाल, उत्तर प्रदेश एवं बनारस ज़ोन की प्रमुख बी.के. परिणीता दीदी ने उपस्थित जनों का स्वागत एवं संबोधन किया। भारत से आई जूरिस्ट विंग की चेयरपर्सन बी.के. पुष्पा दीदी ने न्याय व्यवस्था और आध्यात्मिकता के गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आध्यात्मिकता न्यायिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में आंतरिक शक्ति, सत्यनिष्ठा और संतुलन विकसित करने में सहायक हो सकती है।
पोखरा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा किए जा रहे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने न्यायिक निर्णय प्रक्रिया में सत्य और आंतरिक शक्ति के महत्व को रेखांकित किया तथा आध्यात्मिकता को न्यायिक जीवन के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के दौरान न्यायिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने ब्रह्माकुमारीज़ के आध्यात्मिक पाठ्यक्रमों एवं न्यायिक जिम्मेदारियों के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ने के अनुभव भी साझा किए। प्रतिभागियों ने आध्यात्मिक शिक्षा को आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण और जिम्मेदारियों के प्रभावी निर्वहन में सहायक बताया।
यह आयोजन न्यायिक एवं कानूनी क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों को आध्यात्मिकता, आत्म-जागरूकता और आंतरिक सशक्तिकरण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।




















