BK Chandrika Didi
दादी जी को कभी मैंपन नहीं आया
दादी जी का गाँव वालों से विशेष प्रेम था
कैसे दादी जी ने 100 से बढ़ाकर 8000 सेवाकेंद्र किये
दादी जी ने ही विश्व सेवा का बीज डाला था.
दादी जी सदा अपने को निमित समझती थी