
ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम प्रशासिका का जीवन और विरासत
आइए इस लेख द्वारा मातेश्वरी जी (मम्मा) के प्रेरणादायी जीवन और विरासत के बारे में जानते हैं। उनकी प्रारंभिक आध्यात्मिक यात्रा से लेकर ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका तक, इसमें उनके जीवन की यादगार घटनाओं, अनुभवों और विश्वास, साहस, विनम्रता तथा निस्वार्थ सेवा से जुड़े जीवन मूल्यों को सरल रूप में समझाया गया है। यही कारण है कि पीढ़ियों से अनेक लोगों ने मम्मा को अपनी आध्यात्मिक माँ के रूप में अनुभव किया है।










