पंचम सिंह
बागी से वैरागी
कभी चंबल में जिसके खौफ से शहर बंद हो जाते थे, आज वह शांति का दूत है। यह खूंखार डाकू पंचम सिंह के अद्भुत हृदय-परिवर्तन की कहानी है। इसमें उनके उस आंतरिक संघर्ष और ईश्वरीय साक्षात्कार का मार्मिक वर्णन है, जिसने एक क्रूर अपराधी को हथियार त्यागने और जीवन भर के लिए सत्य व प्रेम का मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित किया।















