
Insan Ko Jeene Ki Kala
Hemlata
Lyrics
इंसानको जीने की कला सिखलाता है राजयोग
इंसानको जीने की कला सिखलाता है राजयोग
दुख दर्द रोगों से मुक्ति दिलाता है राजयोग
दुख दर्द रोगों से मुक्ति दिलाता है राजकयोग
इंसानको जीने की कला सिखलाता है राजयोग
परमपिताकी यादमें मनको जो संतुलित करता है
परमपिताकी याद में मनको जो संतुलित करता है
उनके आगे हर समस्या खेल जैसी लगती है
उनके आगे हर समस्या खेल जैसी लगती है
हर समस्या में मुस्कराना सिखलाता है राजयोग
हर समस्या में मुस्कराना सिखलाता है राजयोग
इंसानको जीने की कला सिखलाता है राजयोग
हे मानव इस जगमें जो मेहमान बनकर रहता है
खुदको परमपिताकी जो संतान सदा समझता है
हे मानव इस जगमें जो मेहमान बनकर रहता है
खुदको परमपिताकी जो संतान सदा समझता है
प्रेम एकता शांति का सबको देता सहयोग
प्रेम एकता शांति का सबको देता सहयोग
इंसानको जीने की कला सिखलाता है राजयोग
सबसे बड़ी कला है मन को ईश्वर में लगाना शिव पिताकी यादसे अपने जीवनको चमकाना
सबसे बड़ी कला है मन को ईश्वर में लगाना शिव पिताकी यादसे अपने जीवनको चमकाना
राजयोग से मिट जाते है जन्म जन्म के रोग
राजयोग से मिट जाते है जन्म जन्म के रोग
इंसानको जीने की कला सिखलाता है राजयोग
इंसानको जीने की कला सिखलाता है राजयोग
दुख दर्द रोगों से मुक्ति दिलाता है राज योग
इंसानको जीने की कला …. सिखलाता है राजयोग
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