
Aao Karo Paudha Ropan - Kalptaruh
BK Damini
Lyrics
हो हो हो
आहा आहा
आओ करे पौधा रोपण
आओ करे पौधा रोपण
हो हो
आओ करे पौधा रोपण
बंद करे धरती का शोषण
वृक्ष हमारे जीवन है
यही जगत के आभूषण
यही जगत के आभूषण
पूर्ण मनोरथ करने वाले परंपरा हम करे शुरू
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
जैसे जीने के लिए सांसों का साथ जरूरी है
पेड़ो के बिन जीवन यात्रा हो सकती न पूरी है
एक एक हम वृक्ष लगाए लाख वृक्ष लग जाएंगे
हरि भरी होगी धरती स्वर्गिक सुख सब पाएंगे
आरजू है मां धरती की इसमें सबकी है आबरू
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
एक ओर हम वृक्ष लगाए दूजे ये संकल्प करे
राजयोग और दिव्य गुणों से जग का काया कल्प करे
शुद्ध आहार बिहार से वसुंधरा मुस्कायेगी
प्रकृति शुद्ध बनेगी स्वर्ग धरा बन जाएगी
यही है सच्ची खुदाई खिदमद ख्वाब आयेंगे रूबरू
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
कल्पतरु
आओ करे पौधा रोपण
बंद हो धरती का शोषण
यही जगत के आभूषण
आओ करे पौधा रोपण



