
Prem Karo Parmatma Se
Indu Prakash

Prem Karo Parmatma Se
Indu Prakash
Lyrics
प्रेम करो परमात्मा से प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम करो परमात्मा से प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम ही सच्चा जीवन है प्रेम ही श्रेश्ठाचार है
प्रेम करो परमात्मा से प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम ही सुख का सार है
जोड़ लो मन के तार प्रभु से प्रभु प्रेम रस पिलो
जोड़ लो मन के तार प्रभु से प्रभु प्रेम रस पिलो
योग के पावन पथ पर चलके सुखमय जीवन जिलों
प्रेम ही सद्भावना है प्रेम ही प्रभु का उपहार है
प्रेम करो परमात्मा से प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम ही सुख का सार है
जीवन है अनमोल खजाना इसको न यूहीं खो देना
जीवन है अनमोल खजाना इसको न यूहीं खो देना
श्रेष्ठ समय है पुण्य कर्म के बीज ही फिर से बो लेना
जन्म जन्म की प्यास बुझा लो प्रभु की यही पुकार है
प्रेम करो परमात्मा से प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम ही सुख का सार है
प्रभु प्रेम ही सुखदाई है दुख से मुक्ति दिलाए
प्रभु प्रेम ही सुखदाई है दुख से मुक्ति दिलाए
खुशियों से दामन भर देता शीतलता पहुंचाए
मुक्ति और जीवन मुक्तिका प्रभुप्रेम ही आधार है
प्रेम करो परमात्मा से प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम ही सच्चा जीवन है प्रेम ही श्रेश्ठाचार है
प्रेम करो परमात्मा से प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम ही सुख का सार है
प्रेम ही सुख का सार है
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