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नंबर वन -Number one - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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नंबर वन -Number one
नंबर वन -Number one
27 unique murli dates in this topic
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27 murlis in हिंदी
16/10/1969
“परखने की शक्ति को तीव्र बनाओ”
20/10/1969
“बिन्दु और सिन्धु की स्मृति से सम्पूर्णता”
25/10/1969
“माला का मणका बनने के लिए विजयी बनो”
29/05/1970
“समीप रत्नों की निशानियां”
05/06/1977
“अलौकिक जीवन का कर्तव्य ही है - विकारी को निर्विकारी बनाना”
10/06/1977
“मन्त्र और यन्त्र के निरन्तर प्रयोग से अन्तर समाप्त”
10/01/1979
“अब वेस्ट और वेट को समाप्त करो”
28/04/1982
“सर्वन्श त्यागी की निशानियाँ”
24/02/1983
“दिलाराम बाप का दिलरूबा बच्चों से मिलन”
01/12/1983
“सुख, शान्ति और पवित्रता के तीन अधिकार”
20/02/1986
“उड़ती कला से सर्व का भला”
25/10/1987
“चार बातों से न्यारे बनो”
23/03/1988
“दिलाराम बाप के दिलतख्त-जीत दिलरूबा बच्चों की निशानियाँ”
15/11/1989
“सच्चे दिल पर साहेब राज़ी”
19/03/1990
“उड़ती कला का आधार उमंग-उत्साह के पंख”
25/02/1991
“सोच और कर्म में समानता लाना ही परमात्म प्यार निभाना है”
18/12/1991
“हर कर्म में ऑनेस्टी (इमानदारी) का प्रयोग करना ही तपस्या है”
31/12/1991
“यथार्थ चार्ट का अर्थ है - प्रगति और परिवर्तन”
08/04/1992
“ब्रह्मा बाप से प्यार की निशानी है - अव्यक्त फरिश्ता बनना”
02/12/1993
“नम्बरवन बनने के लिए गुण मूर्त बन गुणों का दान करने वाले महादानी बनो”
26/11/1994
“परमात्म पालना और परिवर्तन शक्ति का प्रत्यक्ष स्वरूप - सहजयोगी जीवन”
18/01/1998
“सकाश देने की सेवा करने के लिए लगावमुक्त बन बेहद के वैरागी बनो”
12/12/1998
“मेरे-मेरे का देह-अभिमान छोड़ ब्रह्मा बाप के कदम पर कदम रखो”
31/12/2002
“इस नये वर्ष में सर्व खजाने सफल कर सफलतामूर्त बनने की विशेषता दिखाओ”
18/01/2003
“ब्राह्मण जन्म की स्मृतियों द्वारा समर्थ बन सर्व को समर्थ बनाओ”
17/10/2003
“पूरा वर्ष - सन्तुष्टमणि बन सदा सन्तुष्ट रहना और सबको सन्तुष्ट करना''
30/11/2005
“समय की समीपता प्रमाण स्वयं को हद के बन्धनों से मुक्त कर सम्पन्न और समान बनो”